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राष्ट्रीय एकता दिवस 2021
राष्ट्रीय एकता दिवस 2021 राष्ट्रीय एकता और अखंडता: समय की पुकार भारत अनेक धर्मों , जातियों और भाषाओं का देश है। धर्म , जाति एवं भाषाओं की दृष्टि से विविधता होते हुए भी भारत में प्राचीन काल से ही एकता की भावना विद्यमान रही है। जब कभी किसी ने उस एकता को खंडित करने का प्रयास किया है। भारत का एक-एक नागरिक सजग हो कर राष्ट्रीय एकता को खंडित करने वाली शक्तियों के विरुद्ध खड़ा होने को तत्पर हुआ है। राष्ट्रीय एकता हमारे राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है और जिस व्यक्ति को अपने राष्ट्रीय गौरव पर अभिमान नहीं है , वह नर नहीं नर-पशु है। जिसको न निज गौरव तथा निज देश का अभिमान है। वह नर नहीं नर पशु निरा है और मृतक समान है। राष्ट्रीय एकता का अभिप्राय हैं संपूर्ण भारत की आर्थिक , सामाजिक , राजनीतिक और वैचारिक एकता। हमारे कर्म-कांड , पूजा-पाठ , खान-पान , रहन-सहन और वेशभूषा में अंतर हो सकता है , किंतु हमारे राजनीतिक और वैचारिक दृष्टिकोण में एकता होनी चाहिए। इस प्रकार अनेकता में एकता ही भारत की प्रमुख विशेषता है। एकता भावनात्मक शब्द है , जिसका अर्थ है- एक होने का भाव। देश का सामाजिक , सांस्कृतिक ,...
कारगिल विजय दिवस 26.07.2021
कारगिल विजय दिवस पर रण-बांकुरों को नमन https://youtu.be/GoADlW7mMgY जो भरा नहीं है भावों से , बहती जिसमें रस-धार नहीं। वह हृदय नहीं है पत्थर है , जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं॥ गया प्रसाद शुक्ल ‘सनेही’ जी द्वारा रचित ये पंक्तियां हमें स्मरण करवाती हैं कि देशभक्ति , देश के प्रति प्यार और सम्मान की भावना है। देशभक्त अपने देश के प्रति निःस्वार्थ प्रेम तथा उस पर गर्व करने के लिए जाने जाते हैं। देशभक्ति की भावना लोगों को एक-दूसरे के करीब लाती है। किसी भी व्यक्ति का देश के प्रति अमूल्य और निःस्वार्थ प्रेम और भक्ति , देशभक्ति की भावना को परिभाषित करती है। जो लोग सच्चे देशभक्त होते हैं , वे अपने देश के प्रति अपने प्राणों को न्योछावर करने से पीछे नहीं हटते। देश की आज़ादी के बाद अनेक ऐसे अवसर आए जब भारतीय सेना ने अपने अदम्य साहस , पराक्रम और शौर्य का परिचय देते हुए दुश्मन के दाँत खट्टे किए हैं ...
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